1 फ़र॰ 2017

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आयुर्वेदिक काजल बनाने की विधि





आयुर्वेदिक काजल बनाने की विधि 



नीम की सूखी पत्तीया २० नग , कपूर आठ रत्ती , गाय का घी पंद्रह ग्राम , साफ कपास की रूई १५ ग्राम |

बनाने की विधि - 
रूई को कपड़े की तरह चौड़ा करके फैला लो उसपर नीम की पत्तियाँ बिछा दें और ऊपर से कपूर का चूर्ण डालकर छिडककर एक बत्ती बना लें | बत्ती बनाते वक्त यह ध्यान रखना कि पत्तिया और कपूर सिमट न जाए |फिर उस बत्ती को घी के साथ दिये में रख जला दें | दिये के दोनों और ईट के टुकड़े रख ऊपर से कांसे की थाली उलट कर रख दे | यह क्रिया हवा रहित स्थान में ही होनी चाहिए जिससे दिये की लाईट इक सी थाली में लगती रहे और ज्यादा कज्जल तैयार हो सके | बत्ती के पूरी जल जाने के बाद थाली में लगे काजल को खुरच लें | 

गुण - 
इसके व्यवहार से आँखों के रोग जैसे आँखों का कसकसाना , धुन्ध मालुम होना , पानी गिरना , लाली आदि नेत्र के रोग मिटते है | यह बच्चों के लिए तो और भी ज्यादा गुणकारी है | 


उपयोग -
रात को सोते समय इस काजल को आँखों में लगाना चाहिए | 


नोट:- यह आपको खुद ही बनाना होगा , हमसे इसकी मांग न करें । 
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