21 फ़र॰ 2017

loading...

नशा मुक्ति के होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार


नशा मुक्ति के होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार

शराब पीना और विशेषरूप से धूम्रपान के साथ शराब पीना बहुत ही खतरनाक है।

इससे अनेकों रोग जैसे कैंसर (मुह का ), महिलाओं में स्तन कैंसर, आदि रोग होते है। ऐसे बुरे व्यसन (आदत) एक मानसिक बीमारी है और इसे को छुडाने के लिए मानसिक बीमारी जैसे इलाज की आवश्यकता होती है। वात होने पर लोग चिंता और घबराहट को दबाने के लिए धूम्रपान का सहारा लेते है। पित्त बढने से शरीर के अन्दर गर्मी लेने की इच्छा होती है और धूम्रपान की इच्छा होती है। कफ बढने से शरीर के अन्दर डाली गयी तम्बाकू की शक्ति बढती है।

होम्योपैथिक उचार
बीडी सिगरेट तंबाकू को छोडने के लिए 
Tebacum 200 की 8 से १० गोली दिन मेँ दो बार मुंह मेँ डालकर चूसें.
Caladium 30 की 7 से 8 गोली मुंह मेँ डालकर चूसें।

दिन मेँ तीन से चार बार इसका सेवन करने से व्यक्ति को बीड़ी तंबाकू से एसे ही नफरत हो जाती है

दवाई लेने की विधि
Tebacum 200 ki 4-5 गोली रोज़ सुबह सिर्फ एक बार दे इसके 2 घंटे बाद caladium 30 की ४-5 गोली दे फिर इसके 2 घंटे बाद calcaria phos 12x की 4 गोली दे

इसी तरह caladium और  calcaria phos को दिन  में बारी बरी 2-2 घंटे के गैप से दे दोनों मेडिसिन  3-3 बार रिपीट हो जये। Te bacum को २ हफ्ते  देकर बंद कर दे और caladium और calcaria phos को ३ हफ्ते कर दे फिर १ हफ्ते का गैप देकर एक बार फिर से इसी तरह रिपीट करे.

आयुर्वेदिक उपचार
आप इसका इलाज आयुर्वेद के माध्यम से भी कर सकते है और इसे बनाने के लिए १८-२० जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता है। 

सभी औषधियों को निश्चित मात्रा में मिलाकर यह दवा तैयार की जाती है। इस दवा का कोई बुरा प्रभाव नहीं है यदि इसे शरीर के वजन और स्वास्थ्य अनुसार दवा की मात्रा तयकर लिया जाता है। इस दवा का प्रयोग किसी का शराब का नशा छुड़ाने, धूम्रपान का नशा छुड़ाने, और अन्य का नशा छुड़ाने (जैसे गुटका, तम्बाकू) में प्रयोग किया जा सकता है।

जड़ी बूटियों का विवरण और मात्रा निम्न है --*.गुलबनफशा - 2 ग्राम*.निशोध - 4 ग्राम*.विदारीकन्द (कुटज) - 15 ग्राम*.गिलोय - 4 ग्राम*.नागेसर - 3 ग्राम*.कुटकी - 2 ग्राम*.कालमेघ - 1 ग्राम*.भ्रिगराज - 6 ग्राम*.कसनी - 6 ग्राम*.ब्राम्ही - 6 ग्राम*.भुईआमला - 4 ग्राम*.आमला - 11 ग्राम*.काली हरर - 11 ग्राम*.लौंग - 1 ग्राम*.अर्जुन - 6 ग्राम*.नीम - 7 ग्राम*.पुनर्नवा - 11 ग्राम*

प्रयोग:- उपर दी गयी सभी जड़ी बूटियों को कूट और पीसकर पाऊडर बना लें। एक चम्मच दवा पाऊडर को एक दिन में दो बार एक चम्मच दवा पाऊडर को एक दिन में दो बार खाना खाने के बाद पानी के साथ ले। इस दवा को खाने में मिलाकर भी दिया जा सकता है। 

जैसे - जैसे नशे की लत कम होने लगे इस दवा की मात्रा धीरे - धीरे कम कर दे। इस दवा का असर फ़ौरन पता चलने लगता है और लगभग दो माह में पूरी तरह से नशे की लत खत्म हो जाती है, लेकिन दवा को कम मात्रा में और २-३ दिन के अंतर के लगभग ६ माह दे जिससे नशे की लत जड़ से खत्म हो जाए।

शराब पीने की आदत ( Habit of Drinking )
शराब पीने की आदत अगर किसी व्यक्ति को पड़ जाये तो वह न केवल उसका, बल्कि उसके परिवार का जीवन बरबाद कर देती है। यह एक बहुत बड़ी बुराई है जो शराबी मनुष्य के साथ-साथ परिवार समाज देश को भी खोखला कर रही है। इस बुराई से छुटकारा पाने के लिये होमियोपैथिक मे इसका उपचार इस प्रकार है।

1. एवेना सैटाइवा Q - यह दवा दस-दस बूँद की मात्रा में आधे कप पानी में मिलाकर प्रतिदिन चार बार लेनी चाहिये। इस दवा को तीन चार महिने लगातार दें।

2. सिलेनियम 30 - इसकी 3-3 बूँद दवा चौथाई कप पानी में मिलाकर दिन मे तीन बार ले या इसकी मीठी गोलियाँ बनवाकर 5-6 गोली दिन में तीन बार चूसे। इस दवा को तीन सप्ताह देकर बन्द कर दें।
दवा नंबर 1 व दवा नंबर 2 दोनो बारी बारी से लें ( अर्थात् पहले नंबर 1 दो घण्टे बाद नंबर 2)

3. सल्फर 200 - इस दवा की एक मात्रा यानि तीन बूँद दवा चौथाई कप पानी मे मिलाकर या होमियोपैथिक विक्रेता से गोलियाँ बनवाकर 5-6 गोली सुबह खाली पेट चूसें। इसे सप्ताह मे सिर्फ एक बार लें और 5-6 सप्ताह लें।


loading...
loading...