3 फ़र॰ 2017

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चेहरे का रंग साफ करने के लिए होमियोपैथी औषधियों से उपचार




चेहरे का रंग साफ करने के लिए होमियोपैथी औषधियों से उपचार




 1. नैट्रम-म्यूर- किसी व्यक्ति के चेहरे का रंग मटमैला सा हो और इसके कारण ऐसा लगता है कि उसे कोई रोग है। ऐसे में अगर रोगी को नैट्रम-म्यूर औषधि की 30 शक्ति दें तो उसे बहुत लाभ मिलता है।

2. लाइकोपोडियम- रोगी के मुंह और शरीर की त्वचा में जगह-जगह रंगीन या पीले-पीले से निशान पड़ जाने पर उसे औषधि की 30 या 200 शक्ति का सेवन कराना चाहिए।

3. सीपिया- चेहरे का पीला पड़ जाना, पीले दाग हो जाना, नाक और गालों के ऊपर के भाग में घोड़े की जीन की तरह के पीले निशान हो जाना जैसे लक्षणों में रोगी को सीपिया औषधि की 30 या 200 शक्ति का प्रयोग अच्छा रहता है।

4. कैलि-कार्ब- चेहरे या त्वचा पर ज्यादा ठण्डी हवा लगने के कारण खुरदरे से धब्बे हो गए हों तो उपचार के लिए कैलि-कार्ब औषधि की 6x मात्रा, 30 या 200 शक्ति लेने से लाभ मिलता है। इसके अलावा इन लक्षणों में पेट्रोलियम औषधि की 30 या 200 शक्ति का भी प्रयोग किया जा सकता है।

5. बर्बेरिस-एक्की- बर्बेरिस-एक्की के मूलार्क की 20-30 बूंदों को रोजाना 2 बार लेने से चेहरे का रंग बिल्कुल साफ हो जाता है।6. आर्सेनिक- मुंह के आसपास छिछड़ेदार दाने निकल जाने पर उपचार करने के लिए आर्सेनिक औषधि का उपयोग करना चाहिए।

नोट -होमियोपैथी लक्षणों का विज्ञान का है लक्षण मिलने पर ही दवा फ़ायदा करती है इसलिए अपने निकटतम स्थानीय पंजीकृत होमियोपैथी चिकित्सक से सलाह लेकर ही औषधि का सेवन करें!
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