28 मार्च 2017

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एसिडिटी और पेट में जलन का उपचार, Acidity Problem Ka Deshi Upchar


हमारे पेट में बनने वाला एसिड या अम्ल भोजन को पचाने का काम करता है, लेकिन कई बार पचाने के लिए पेट में पर्याप्त भोजन ही नहीं होता या फिर एसिड ही आवश्यक मात्रा से अधिक बन जाता है। ऐसे में एसिडिटी या अम्लता की समस्या हो जाती है। इसे पेट की जलन या हार्टबर्न भी कहा जाता है।

वसायुक्त और मसालेदार भोजन का सेवन आमतौर पर एसिडिटी की प्रमुख वजह है। इस प्रकार का भोजन पचने में जटिल होता है और एसिड पैदा करने वाली कोशिकाओं को आवश्यकता से अधिक एसिड बनाने के लिए उत्तेजित करता है।


क्यों होती है एसिडिटी
  
लगातार बाहर का भोजन करना। भोजन करना भूल जाना।

अनियमित तरीके से भोजन करना। दो बार के भोजन में अधिक अंतराल रखने से भी एसिडिटी हो सकती है।

मसालेदार खाने का ज्यादा सेवन करना।

विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव भी एसिडिटी का एक कारण है।

काम का अत्यधिक दबाव या पारिवारिक तनाव लंबे समय तक बना रहे तो शारीरिक तंत्र प्रतिकूल तरीके से काम करने लगता है और पेट में एसिड की मात्रा आवश्यकता से अधिक बनने लगती है।

इन घरेलू प्रयोग को करें

इलायची 
इलायची खाने की आदत आपको एसिडिटी से बचाए रखने में मदद करती है। जब भी आपको एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या हो, तो एक से दो इलायची को मुंह में रखकर चूसते रहें।

तुलसी 
तुलसी न केवल एसिडिटी में लाभदायक है बल्कि मानसिक और अन्य शारीरिक रोगों में भी बेहद प्रभावी औषधी है। खाने के बाद तुलसी के कुछ पत्तों को चबाएं या फिर गर्म पानी में डालकर इसका सेवन करें।

पुदीना 
पुदीना हमेशा से ही पेट व पाचन की समस्याओं के लिए फायदेमंद रहा है। मसालेदार भोजन से पेट में होने वाली जलन, पुदीने के पत्तों को चबाने से शांत होगी, या फिर पानी में नींबू और पि‍सी हुई पुदीना पत्ती को काले नमक के साथ मिलाकर पिएं। 

आंवला 
आंवला हमेशा से ही एक घरेलू पाचक उपायों में गिना जाता है। एसिडिटी में आंवले को काले नमक के साथ खाना लाभकारी होगा। आप चाहें तो इसका मुरब्बा, जूस या इसकी चॉकलेट अथवा सुपारी का सेवन भी कर सकते हैं।

दूध 
ठंडा दूध पीना, एसिडिटी के लिए पुराना रामबाण उपाय है। पेट या सीने में जलन होने पर दूध और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर पिएं या फिर ठंडे दूध का सेवन करें।

जीरे का पानी 
पेट की समस्याओं में जीरे का पानी भी बेहद लाभदायक होता है। जीरे को पानी में उबालकर, इसका प्रयोग करना एसिडिटी में फायदेमंद साबित होगा।

अदरक 
सर्दी, खांसी, जुकाम हो या फिर पाचन संबंधी समस्याएं, अदरक का इस्तेमाल एक कारगर उपाय है। इसे पानी के साथ उबालकर उस पानी को पिएं, या फिर इसका एक टुकड़ा काले नमक में लपेटकर चूसें। जल्द से जल्द लाभ मिलेगा।

सौंफ 
खाने के बाद सौंफ का सेवन, पाचन में मददगार होता है। पेट में जलन, एसिडिटी होने पर भी सौंफ उतना ही फायदेमंद है। सौंफ ठंडी प्रकृति की होती है और यह पेट में ठंडक पैदा कर एसिडिटी में राहत देती है।

इसके साथ ही ये उपाय भी करें

1. समय पर भोजन करें और भोजन करने के बाद कुछ देर वॉक जरूर करें।

2. अपने खाने में ताजे फल, सलाद, सब्जियों का सूप, उबली हुई सब्जी को शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां और अंकुरित अनाज खूब खाएं। ये विटामिन बी और ई का बेहतरीन स्रोत होते हैं जो शरीर से एसिडिटी को बाहर निकाल देते हैं।

3. खाना हमेशा चबा कर और जरूरत से थोड़ा कम ही खाएं। सदैव मिर्च-मसाले और ज्यादा तेल वाले भोजन से बचें। 

4. अपने रोजमर्रा के आहार में मट्ठा और दही शामिल करें। 

5. ताजे खीरे का रायता एसिडिटी का बेहतरीन उपचार हैं।

6. शराब और मांसाहारी भोजन से परहेज करें।

7. पानी खूब पिएं। याद रखें इससे न सिर्फ पाचन में मदद मिलती है, बल्कि शरीर से टॉक्सिन भी बाहर निकल जाते हैं।

8. खाने के बाद तुरंत पानी का सेवन न करें। इसका सेवन कम से कम आधे घंटे के बाद ही करें। 

9. धूम्रपान, शराब से बचें। 

10. पाइनेपल के जूस का सेवन करें, यह एन्जाइम्स से भरा होता है। खाने के बाद अगर पेट अधिक भरा व भारी महसूस हो रहा है, तो आधा गिलास ताजे पाइनेपल का जूस पीएं। सारी बेचैनी और एसिडिटी खत्म हो जाए

11. आंवले का सेवन करें हालांकि यह खट्टा होता है, लेकिन एसिडिटी के घरेलू उपचार के रूप में यह बहुत काम की चीज है। 

12. गैस से फौरन राहत के लिए 2 चम्मच ऑंवला जूस या सूखा हुआ ऑंवला पाउडर और दो चम्मच पिसी हुई मिश्री ले लें और दोनों को पानी में मिलाकर पी जाएं।
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