17 मार्च 2017

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पैरों के पसीने और बदबू से ऐसे पाएं छुटकारा



1 पैरों मे पसीना 
जिन लोगो के हाथों में बहुत ज्‍यादा पसीना आता है, उनके पैरों में भी उतना ही पसीना आता है। ज्‍यादा पसीना आना भी एक प्रकार की बीमारी होती है, जिससे संक्रमण भी हो सकता है। पैर से बदबू आती है जिस वजह से कई बार आपको दूसरों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ सकता है। अत्‍यधिक पसीना होने का कई कारण है जैसे, हाइपरहाइड्रोसिस, लो ब्‍लड प्रेशर अैर तनाव। पैरों के तलवे तथा हथेलियों में पसीने को आने से रोका जा सकता है, इसके लिये आपको कुछ उपायों को आजमाने की आवश्‍यकता है। वैसे तो इस समस्‍या का यह स्‍थायी उपचार नहीं है लेकिन यह कुछ हद तक आपको राहत दिला सकता है।

2 नमक से धोएं
पांव में इंफेक्‍श्‍न न हो इसके लिये पैरों को साफ रखना बहुत जरुरी है। पसीने से बैक्‍टीरिया पनप सकता है जिससे स्‍किन और फुट इंफेक्‍शन होने की पूरी संभावना हो सकती है। एक टब गुनगुने पानी में 5-7 चम्मच नमक डालकर पैरों को आधे घंटे तक इस पानी में रखें। पैरों को बाहर निकालने के बाद एकदम से नहीं पोंछे बल्कि अपने आप सूखने दें। उसके बाद मोजे पहनें। नमक का पानी त्वचा को सूखा बनाता है और पसीना आने से रोकता है।

3 फिटकरी लगाएं
पांव को साफ रखें, जब भी बाहर से घर पर आएं तो पैरों को एक अच्‍छे एंटी बैक्‍टीरियल सोप से धोना न भूले। इससे पैर भी साफ होते हैं और पसीना भी दूर होता है। फिटकरी इस समस्या के समाधान में बहुत लाभकारी है। एक चम्मच फिटकरी को एक कप गुन्गुने पानी में मिलाएं. इस द्रव से पैरों को धोकर 15-20 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। फिर इस पर फिटकरी का बारीक पिसा हुआ पावडर डालकर जूते पहन लें।

4 प्‍यूमिक स्‍टोन का प्रयोग करें
पांव से कठोर स्‍किन को साफ करें। हार्ड हो चुकी स्‍किन, डेड स्‍किन होती है जिसे रगड़ कर निकाल देना चाहिये। ज्‍यादा पसीना आने से डेड स्‍किन में बैक्‍टीरिया पैदा हो सकता है, इसलिये हर रोज नहाते वक्‍त अपने पैरों को रगड़ना न भूले। प्‍यूमिक स्‍टोन का प्रयोग कर के अपनी एडियों और पांव को साफ करें।

5 पेडीक्योर करें
पैरों से पसीने को दूर करने के लिये, पैरों को हफ्ते में दो-तीन बार पेडीक्योर करें। चाहें तो गरम पानी में टी ट्री ऑयल मिला कर केवल उसमें अपने पैरों को डाल कर बैठ जाएं। अदरक व नींबू को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें और इसका पेस्ट बनाएँ, फिर इसे पैरों पर लगाकर, हल्के हाथों से 10 मिनट मसाज करें और फिर धो लें। ऐसा हफ्ते में तीन बार करें।

6 सर्जिकल स्पिरिट से साफ करें
कॉटन बॉल ले कर उसे सर्जिकल स्पिरिट में डुबा कर अपने पैरों को पोछिये। लेकिन पैरों पर लगाने से पहले इसे एक बार टेस्‍ट जरुर कर लें। अगर इसको प्रयोग करने से कोई जलन महसूस नहीं होती तो इसको बड़े आराम से प्रयोग किया जा सकता है। इसको पैर के हर कोने तक लगाएं और फुट इंफेक्‍शन से बचे।

7 लें आइनोटो फोरिसिस उपचार
आइनोटो फोरिसिस उपचार की एक ऐसी नई तकनीक है, जिसमें टब में भरे पानी को एक यंत्र के जरिये चार्ज करके उसके पॉजिटिव और निगेटिव आयन्स को सक्रिय कर दिया जाता है। फिर उसमें कुछ समय के लिए व्यक्ति के हाथ-पैर डुबोए जाते हैं, जिससे स्वेट ग्लैंड्स की सक्रियता कम हो जाती है।

8 गर्मियों मे सैंडल पहने
हमेशा सूती मोजे ही पहने और उन्‍हें हर दूसरे दिन धोएं। साथ ही हर दूसरे दिन अपने जूतों को भी बदलें। अपने पहने जा चुके जूतों को सूरज की धूप में कुछ घंटे जरुर रखें, जिससे उसमें पनप रहे बैक्‍टीरिया आदि का नाश हो सके।पैरों को पसीने की प्रॉब्लम से बचाने के लिए सैंडल पहनें।

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