7 मार्च 2017

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निम्न रक्तचाप या लो ब्लडप्रेशर का घरेलू उपचार (Low Blood Pressure)


लो ब्लडप्रेशर या निम्न रक्तचाप, ऑक्सीजन (oxygen) को दिमाग तक जाने से रोकता है। केवल ऑक्सीजन ही नही बल्कि अन्य पोषक तत्व भी दिमाग तक नहीं पहुंच पाते। ब्लडप्रेशर को स्वास्थ्य की भाषा में हाइपोटेंशन (hypotension) के नाम से जानते हैं।

यूं तो लो ब्लडप्रेशर कोई बीमारी नहीं होती लेकिन यह शरीर में पनप रही अन्य गंभीर बीमारी का संकेत होती है। ऐसे में जब किसी के शरीर में रक्त-प्रवाह सामान्य से कम हो जाता है तो उसे निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर कहते है। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। ऐसे में दिल, किडनी, फेफड़े और दिमाग आंशिक रूप से या पूरी तरह से काम करना भी बंद कर सकते हैं।

यदि लो ब्लडप्रेशर की समस्या हो तो तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाएं। अगर किसी दवा से लो ब्लड प्रेशर हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेकर दवा की मात्रा कम या पूरी तरह बंद कर दे। पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें, अलग-अलग किस्म के फलों, सब्जियों, अनाज, कम फैट वाले मांस और मछली को भोजन में शामिल करें।

कई बार थोड़ा-थोड़ा भोजन करें और खाने में आलू, चावल और ब्रेड जैसे ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का प्रयोग कम कर दे। स्मोकिंग से परहेज करें, एक्टिव रहें, ज्यादा पसीना निकालने वाले कामों से बचें, धूप में ज्यादा न घूमें और पर्याप्त मात्रा में नमक खाएं और ज्यादा टेंशन न करें तो, लो बीपी से बचा जा सकता है।

निम्न रक्तचाप या लो ब्लडप्रेशर के लक्षण
आंखों के आगे अंधेरा छानाउल्टी और डायरियागर्दन का अकड़ जानाचक्कर आनाछाती में दर्द, सांस फूलनाहाथों और पैरों का ठंडा होनाहृदय में मिस्ड बीट्स महसूस की जाती है

ब्लड प्रेशर कम होने के कारण (causes of low blood pressure)
1. दिल की बीमारी (heart disease)- ब्लडप्रेशर कम होना दिल की गंभीर बीमारी से जुड़ा होता है, दिल की बीमारी से हार्ट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे हार्ट पर्याप्त खून को पम्प नहीं कर पाता और हमारा बीपी लो रहने लगता है। दिल के मरीजों और एनीमिया के रोगी लो बीपी को लेकर सावधान रहें।

2. आर्थोस्टेटिक हाइपरटेंशन टाइप (arthostetic hypertension type)- इसमें मरीज को खड़े होने पर चक्कर आते हैं, क्योंकि उसका ब्लड प्रेशर एकदम से 20 पॉइंट नीचे आ जाता है। यह नर्वस सिस्टम पर आधारित होता है। लेकिन कई बार दवाओं के साइड इफेक्ट से या एलर्जी से भी हो सकती है।

3. खून की कमी तथा अन्य का (less blood and other reason)- शरीर के अंदरूनी अंगों से खून बह जाने या खून की कमी से, खाने में पौष्टिकता की कमी या अनियमितता से, फेफड़ों के अटैक से, हार्ट का वॉल्व खराब हो जाने से, लो बीपी हो सकता है। अचानक सदमा लगने, कोई भयावह दृश्य देखने या खबर सुनने से भी लो बीपी हो सकता है।

इसके अलावा (other reason & causes of low blood pressure)
- गर्भावस्था, हार्मोन असंतुलन जैसे कि थायरॉइड की सक्रियता कम हो जाना
- ब्लड शुगर दवाओं के प्रभाव से
- स्ट्रोक तथा लीवर संबंधी बीमारियां
- कुछ आवश्यक विटामिन जैसे बी12 और आयरन की कमी

सामान्य उपचार
- तुरंत बैठ या लेट जाएं, मुट्ठियां भींचें, बांधें, खोलें, पैर हिलायें।
- नमक और चीनी वाला पानी या चाय पीएं। पैरों के नीचे दो तकिए लगाकर लेटें।
- जो लोग पहले से हाई बीपी की दवा खा रहे हैं, वे दवा खाना बंद कर दें।
- कम से कम आठ गिलास पानी और अन्य पेय रोज पीएं।
- भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम कर दें।
- इन सब के अलावा तुरन्त डॉक्टरी सलाह लें।

घरेलू उपचार- (home remedies)
- निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोग नमक ज्यादा खाएं
- लगातार चक्कर आ रहे हों, तो पानी ज्यादा पीएं
- एक कप शकरकंद का जूस दिन में दो बार पीएं
- मिट्टी के बर्तन में रातभर किशमिश भिगाकर रखें। सुबह किशमिश चबाकर खाएं और पानी पी लें
- सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते के रस में शहद मिलाकर खाएं
- रात में बादाम भिगाकर रखें, सुबह इन बादाम के छिलके उतारकर पीस लें और दूध के साथ उबालें। इस दूध को गुनगुना पीएं।
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