1 अप्रैल 2017

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एक ऐसा फल जो आपका गंजापन और दुर्बलता जड़ से ख़तम कर देगा,


आज समय में बाल सफेद होना, झडऩा या गंजापन एक आम बीमारी बन चुका है। इस समस्या से दुनिया में ज्यादातर लोग जूझ रहे हैं। लेकिन इसका भी उपाय है और वो है सीताफल। जी हां, इस फल के सेवन से कई फायदे होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं सीताफल के सेवन से होने वाले फायदे…

औषधि की तरह काम करता है ये फल!
सीताफल एक बड़ा ही स्वादिष्ट फल है जिसकी खूबियों के बारे में आयुर्वेद में भी वर्णन है। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास केसमय श्रीराम को यह भेंट किया था। तभी से इसका नाम सीताफल पड़ा।
सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है।

आयुर्वेद के अनुसार शीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है। यह फल पित्तशामक, तृषाशामक, उल्टी रोकने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवं रक्त वर्धक, बलवर्धक, वात दोष शामक और हृदय के लिए लाभदायी है।

कच्चा सीताफल खाने से अतिसार और पेचिश में फायदा मिलता है। कच्चे सीताफल को काटकर सुखा दें और पीसकर रोगी खिलाएं। इससे डायरिया सही हो जाएगा।

सीताफल दवा का काम भी करता है। इस फल को खाने से दुर्बलता दूर होकर मैनपावर बढ़ती है।
सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीसकर लगाने से सिर के उड़े हुए बाल भी फिर से उग आते हैं।

सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है। शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं।

सीताफल घबराहट दूर कर हार्टबीट को सही करता है। कमजोर हृदय या उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए इसका सेवन बहुत ही लाभदायक है,"

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