23 अप्रैल 2017

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वात रोगों के लिए चमत्कारिक घरेलु उपचार


वात रोग जिनमे जोड़ों का दर्द, गठिया, कमर दर्द, यूरिक एसिड का बढ़ना आदि विशेष है। आज हम आपको इन रोगों के लिए बहुत ही सरल और उपयोगी घरेलु उपचार बता रहे हैं। 

जिनको अपना कर आप इस कष्ट से मुक्ति पा सकते हैं।
हल्दी, मेथी-दाना व् सौंठ ये तीनो 100-100 ग्राम लीजिये और अश्वगंधा 50 ग्राम ले कर इन सब का चूर्ण कर लीजिये. इस चूर्ण को 1-1 चम्मच नाश्ते व् रात को खाने के एक घंटे के बाद गुनगुने पानी के साथ लीजिये। इसके नियमित सेवन से जोड़ों का दर्द, गठिया, कमर दर्द आदि वातज रोगों में चमत्कारिक लाभ होता है।

लहसुन कि 1 से 3 कली खाली पेट पानी से लेने से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है. साथ ही बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड सामान्य होता है. हृदय की शिराओं में आये अवरोध (ब्लड क्लोटिंग) को भी दूर करने में लहसुन बहुत कारगर है।
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मोथा घास की जड़, जो कि एक गाँठ कि तरह होती है, उसका पाउडर करके 1 से 2 ग्राम सुबह शाम पानी या दूध से लेने से जोड़ों के दर्द व् गठिया में आश्चर्यजनक लाभ मिलता है।

निर्गुन्डी के पत्तों का चूर्ण एक एक चम्मच सुबह शाम खाना खाने के एक घंटे के बाद पानी के साथ सेवन करने से वात रोगों का शमन होता है।

अरंड के पत्तों को पीसकर हल्का गर्म करके जोड़ों पर लगाने से लाभ मिलता है।

आवश्यकता अनुसार उपरोक्त कोई भी प्रयोग नियमित करने से वातज विकारों में चमत्कारिक रूप से लाभ होता है।
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