22 मई 2017

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खून का थक्का बनने के कारण (Causes of Blood Clotting)


शरीर में खून का थक्का (Blood Clotting) बनने और उसके घुलने की प्रक्रिया सहज रूप में चलती रहती है। हमारे प्लाज्मा में मौजूद प्लेटलेट्स और प्रोटीन, चोट की जगह पर रक्त के थक्के का निर्माण करके रक्त के बहाव को रोकते हैं। अगर ऐसा न हो तो चोट लगने पर शरीर में खून का बहाव रोकना कठिन हो जाए। आमतौर पर चोट के ठीक होने पर रक्त का थक्का अपने आप घुल जाता है। पर जब इस प्रक्रिया में अड़चन आती है तो खून का थक्का बना ही रह जाता है।

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खून का थक्का जमने के जोखिम (Risk Factors of Blood Clotting)
बिना उपचार लंबे समय तक रहने पर रक्त के थक्के धमनियों या नसों में चले जाते हैं और शरीर के किसी भी हिस्से जैसे आंख, हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और गुर्दे आदि में पहुंच उन अंगों के काम को बाधित कर देते हैं। दिमाग में खून का थक्का पहुंचने पर भारी नुकसान पहुंचाता है। 
खून का थक्का केवल चोट लगने के कारण ही बनता। इसके कई अन्य कारण भी होते हैं जैसे 

खून का थक्का बनने के कारण (Causes of Blood Clotting)
अगर आप गर्भ निरोधक गोली (Oral Contraceptive Pills) लेते हैं।अगर आपको मोटापा है।अगर आपको मेनोपोज (menopause) हो चुका है।समाचार पत्र 'द मिरर' के अनुसार एक नए अध्ययन में कहा गया है कि जो लोग लगातार 10 घंटे तक काम करते हैं और इस दौरान कोई विराम नहीं लेते तो उनमें खून का थक्का जमने का खतरा दोगुना हो जाता है। यह अध्ययन 21-30 साल आयु सीमा के लोगों पर किया गया। अध्ययन में शामिल 75 फीसदी लोगों ने माना कि वे काम के दौरान विराम नहीं लेते।

सामान्य उपचार
खून का थक्का बनने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह करें। यह बीमारी बेहद खतरनाक हो सकती है इसलिए पहले अच्छी तरह जांच कराने के बाद ही उपचार शुरु करें। 

ब्लड क्लॉटिंग से ब़चने के उपाय
रक्त का थक्का जमना रक्तनलिका के बंद हो जाने से होता है और अगर तत्काल इसका इलाज नहीं किया गया तो यह जानलेवा हो जाता है। मोटे लोगों में ब्लड क्लॉट होने का खतरा ज्यादा रहता है, लेकिन कई और रोग-परिस्थितियों में रक्त का थक्का जमता है जो काफी खतरनाक होता है।

बिना सर्जरी के ब्लड क्लॉटिंग का कोई इलाज ही नहीं है और कभी-कभी तो शरीर के उस हिस्से या अंग में छेद कर या काट कर इसका इलाज किया जाता है।  खासकर सिर में चोट लगने के बाद अगर ब्लड क्ल़ॉट होती है तो यह काफी गंभीर हो जाती है , जिसमें मरीज को ब्रेन हेमरेज का खतरा रहता है और मौत तक हो सकती है।

ध्यान रहे कि ब्लड क्लॉटिग होने के बाद कोई घरेलू उपचार काम नहीं करता है। हालांकि, ब्लड क्लॉट न हो या जिन लोगों इसका खतरा ज्यादा है उनके लिए कई घरेलू उपचार हैं।

ब्लड क्लॉटिंग से ब़चने के घरेलू इलाज (Home remedies to prevent from Blood clotting)

स्किम्ड मिल्क या छाली उतारा हुआ दूध (Skimmed milk)
स्किम्ड मिल्क या छाली उतारे दूध में फैट यानि वसा नहीं होती और इसमें कैल्शियम भी रहता है, जिससे रक्त की नलिका में फैट जमा होने का खतरा नहीं रहता है और कैल्शियम से ब्लड के प्लेटलेट्स सही ढ़ंग से काम करते हैं। रक्त नलिका में फैट जमा नहीं होने से रक्त का प्रवाह सही ढ़ंग से होता है।

मोटापा कम करें (Loose obesity)
काफी वसा युक्त भोजन करने से मोटापा बढ़ता है और इसका नतीजा होता है कि रक्त नलिका के दीवार पर फैट की परत जम जाती है। अगर रक्त नलिका के मुंह की चौड़ाई कम हुई तो रक्त के प्रवाह में कठिनाई होगी और नतीजा ब्लड क्लॉट होगा। बल्ड क्लॉट होने से दिल का दौरा पड़ सकता है और ब्रेन हैमरेज का खतरा रहता है।

नियमित व्यायाम करें (Exercise Regularly)
नियमित रुप से व्यायाम करने से शरीर में फैली सभी रक्त नलिकाओं में रक्त का संचरण सही ढ़ंग से होता है।

धूम्रपान से करें तौबा (Avoid Smoking)
धूम्रपान करने से ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है और इससे रक्त नलिका की मांसपेशियां कमजोर होती है नतीजा ब्लड क्लॉटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

प्याज और लहसुन का सेवन (Eating onion and garlic)
प्याज और लहसुन खाने से शरीर में फाइब्रिन की कमी होती है और इसके परिणांस्वरुप प्लेटलेट्स सही ढ़ंग से बनते हैं और ब्लड की क्लॉटिंग नहीं होती है।

हाइड्रोथेरेपी (Hydrotherepy)
ब्लड क्लॉट वाले स्थान पर अगर गर्म औऱ ठंडे पानी का पैक लगातार दिया जाए तो संभव है वहां रक्त का संचरण हो सकता है।

मसाज (Massage)
अगर आप नियमित रुप से शरीर की मसाज करवाते हैं तो शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारु ढ़ंग से होता है। रक्त की नलिकाएं भी ब्लॉक नहीं होती है औऱ ब्लड क्लॉट का खतरा कम रहता है।
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