29 जून 2017

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दुनिया की 70% सेक्स वर्धक दवाइयां इसके बिना बन ही नहीं सकती


आयुर्वेदिक दवाइयों में सेक्सवर्धक औषधि के रूप में इसे सबसे उत्तम स्थान प्राप्त है
नपुंसकता प्राप्त हुए इंसान को यह जीवन दान देती है

जिनके लिंग में अत्यधिक मैथुन के कारण हस्तमैथुन के कारण उम्र के कारण ढीलापन आ गया हो उन्हें इसका प्रयोग किसी व्यक्ति या चिकित्सक की देख रेख में कम से कम 2 से 3 महीने करना चाहिए

और हर साल में एक बार कम से कम 2 महीने इसका सेवन करते रहने से बुढ़ापे के लक्षण नहीं आते और सेक्स भरपूर बना रहता है

मकरध्वज के बारे में सभी लोग जानते हैं कि यह ताक़त बढ़ाने वाली दवा है और इसके इस्तेमाल से हर तरह की बीमारी दूर होती है

यह हार्ट और नर्वस सिस्टम पर बहुत जल्दी असर करता है, मकरध्वज के इस्तेमाल से शरीर का वज़न बढ़ता है

बल वीर्य बढ़ाने, शीघ्रपतन, नपुंसकता नामर्दी दूर करने के लिए यह बेस्ट दवा है।

आईये सबसे सबसे पहले जानते हैं कि मकरध्वज है क्या चीज़ और मकरध्वज किसे कहते हैं ?

पारा का नाम आपने सुना होगा, इसे अंग्रेजी में Mercury कहते हैं, पारा का आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान है

पारा को आयुर्वेदिक प्रोसेस से शुद्ध करने के बाद इस्तेमाल किया जाता है, कच्चा पारा बहुत ही नुकसानदायक होता, जबकि शुद्ध करने के बाद यह रसायन बन जाता है

शुद्ध पारा और शुद्ध गंधक में सोने का वर्क मिलाकर बालुका यंत्र में तीव्र अग्नि देने के बाद मकरध्वज का निर्माण होता है

रस सिन्दूर में स्वर्ण भस्म या सोने का वर्क मिलाने पर भी मिश्रण को मकरध्वज कहा जाता है
अब आप सोच रहे होंगे कि रस सिन्दूर क्या है?

यहाँ मैं बता देना चाहूँगा कि रस सिन्दूर का रिश्ता उस सिन्दूर से दूर-दूर तक नहीं है जिसे महिलाएं अपनी माँग में डालती हैं, इसीलिए कंफ्यूज न हों

शुद्ध पारा और शुद्ध गंधक को जब आयुर्वेदिक प्रोसेस से  बालुका यन्त्र में अग्नि दिया जाता है तो उसके बाद प्राप्त होने वाला पदार्थ रस सिन्दूर कहलाता है

रस सिन्दूर भी एक चमत्कारी औषधि है जिसे आयुर्वेदिक चिकित्सक सफलतापूर्वक प्रयोग करते हैं

असली मकरध्वज क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है?

यहाँ मैं बता रहा हूँ रस तरंगिणी में बताया गया मकरध्वज बनाने का तरीका -

सोने का वर्क 10 ग्राम, शुद्ध पारा 80 ग्राम और शुद्ध गंधक 160 ग्राम ले लीजिये

अब शुद्ध पारा को खरल में डालकर उसमे थोड़ा-थोड़ा सोने का वर्क मिलाते हुवे घोटें, जब पूरा सोने का वर्क घुट जाये तो थोड़ा-थोड़ा शुद्ध गंधक मिलाकर घोटना चाहिए

सब मिल जाने के बाद रोज़ 6-7 घंटा 7-8 दिनों तक घोटना है, इसके बाद ग्वारपाठा का रस ताज़ा निकाल कर इसे मिलकर घुटाई करें और फिर लाल कपास के फूल के रस में  भी घोटना है

इसी तरह से 1-2 दिन तक ग्वारपाठा और लाल कपास के फूल के रस में  घोटने के बाद सुखा कर सात बार कपरौटी की हुयी आतशी शीशी में भरकर बालुका यंत्र में रखकर 24 घंटे तक मृदु, मध्य और तीव्र आँच देना है

पूरी तरह से ठंडा होने पर शीशी के गले में लगा हुवा लाल मकरध्वज निकाल कर रख लिया जाता है

जबकि शीशी के तली में मिलने वाला सोने का भस्म को अलग काम में यूज़ किया जाता है
तो यह है मकरध्वज बनाने का आयुर्वेदिक प्रोसेस

असली मकरध्वज की पहचान - 


जो मकरध्वज कड़ा न हो, अंगुली से हल्का दबाने पर ही टूट जाये, जिसका चूर्ण रवेदार हो, चमकदार और स्मूथ दीखता हो वही असली और बेस्ट मकरध्वज होता है

दिव्य वाले तो इसे पिसा हुवा पैक करते हैं, जबकि बैद्यनाथ का रवेदार यानि क्रिस्टल की तरह मिलता है

आईये अब जानते हैं कि सिद्ध मकरध्वज क्या है ?

अभी जो मैंने मकरध्वज का प्रोसेस बताया है उसमे सोने का वर्क 10 ग्राम लेने को कहा है, अगर सोने के वर्क को 40 ग्राम लिया जाये और बाकी चीज़ और प्रोसेस सेम हो तो इसके बाद तैयार होने वाला मकरध्वज सिद्ध मकरध्वज कहलाता है

शास्त्रों के अनुसार सबसे पहले भगवान शंकर ने इसे बनाकर सिद्धों को इसका सेवन करवाया था, इसीलिए इसे सिद्ध मकरध्वज कहा जाने लगा

यह सबसे बेस्ट महौषधि है, इसके जैसे सर्व-रोगनाशिनी यानि सारी बीमारियों को दूर करने वाली दवा दुनिया के किसी भी पैथी में नहीं है, यह बात बड़े-बड़े डॉक्टर भी मान चुके हैं कि इसके जोड़ की दवा दुनिया के किसी भी चिकित्सा में नहीं है

कहते हैं कि मरने वाले आदमी को भी अगर मकरध्वज खिला दिया जाये तो कुछ मिनट तक बच जाता है

बच्चों से लेकर बूढों तक में फायदा करने वाली यह बेजोड़ दवा है, यह कितना असरदार दवा है आप इस बात से ही समझ सकते हैं कि जब मरने वाले को भी यह असर करती है तो साधारण, साध्य और कष्टसाध्य रोगों में इसका क्या प्रभाव होगा

किसी भी कारण से शरीर में कमज़ोरी आ जाने पर या फिर खून की कमी हो जाने पर मकरध्वज के इस्तेमाल से बहुत तेज़ी से फायदा होता है

यह कफ़ दोष के कारण होने वाली बीमारीओं को बहुत जल्दी दूर करता है, हार्ट की कमजोरी दूर कर हार्ट को मज़बूत बनाता है, शरीर से बैक्टीरिया का नाश करता है, स्पर्म को Healthy बनाता है, वीर्य गाढ़ा कर शीघ्रपतन, नपुंसकता इत्यादि

इसे घर पर बनाने की कभी भी कोशिश नहीं करनी चाहिए 
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